
पहली बार यह विधेयक 1996 में पेश किया गया था। तब एचडी. देवगौड़ा प्रधानमंत्री थे। 1998, 1999 और 2002 में भी इसे संसद में पेश किया गया। हालांकि, कामयाबी कभी नहीं मिली। शरद यादव ने इस बिल को लेकर एक बार महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। तब उनका काफी विरोध हुआ था। 2010 में राज्यसभा में इसे पारित करा लिया गया था लेकिन लोकसभा में ऐसा नहीं हो सका। इस समय लोकसभा में सिर्फ 11.8 फीसदी ही महिलाएं हैं।
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from दैनिक भास्कर https://www.bhaskar.com/news/women-reservation-bill-mahila-aarakshan-bill-is-in-discussion-again-5919182.html

पहली बार यह विधेयक 1996 में पेश किया गया था। तब एचडी. देवगौड़ा प्रधानमंत्री थे। 1998, 1999 और 2002 में भी इसे संसद में पेश किया गया। हालांकि, कामयाबी कभी नहीं मिली। शरद यादव ने इस बिल को लेकर एक बार महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। तब उनका काफी विरोध हुआ था। 2010 में राज्यसभा में इसे पारित करा लिया गया था लेकिन लोकसभा में ऐसा नहीं हो सका। इस समय लोकसभा में सिर्फ 11.8 फीसदी ही महिलाएं हैं।
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