फिर से जागी मंगल ग्रह पर जीने की उम्मीद, लाल ग्रह होने के मिले चंद इलाके
नई दिल्ली : पहले नासा ने मंगल ग्रह में जीवन होने का संकेत दिया था। कहा जाता था कि आने वाले समय में मंगल ग्रह दूसरी धरती कहलाएगी। लेकिन बाद में नासा को कुछ एेसी चीजों का पता चला जिसके कारण मंगल ग्रह पर जीवन ना होने की बात कही।
मगर कई सालों से चले आ रहे इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने कहा कि कुछ लाल ग्रह होने के चलते जमीन पर जल होने के बारे में बताया गया है।
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आपकों बता दें कि सदर्न कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि मंगल के ध्रुवों की तुलना में भूमी में कहीं अधिक इलाके में जल मौजूद हो सकता है।
मंगल ग्रह की सतह से नीचे पानी की सक्रिय होने की बात कही है। और इस बात का भी नासा अनुमान लगा रही है कि शायद मंगल ग्रह पर लाल ग्रह होने के चंद इलाकों में सतह से ऊपर बहने वाले पानी हो सकता है।
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शोधकर्ताओं ने इस बारे में अध्ययन किया। जिसमें बीते साल, अनुसंधानकर्ताओं ने मंगल ग्रह के बर्फ से ढके दक्षिण ध्रुवीय शिखरों पर एक गहरी जल झील की मौजूदगी का पता लगाया था।
हालांकि यह पाया गया कि यह भूजल प्रणाली सतह से करीब 750 मीटर नीचे है और जिस गढ्ढे का अध्ययन किया गया है, वहां पर भूजल दरारों के जरिए सतह पर आया है।
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