परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए वैज्ञानिकों ने खोजा नया तरीका, बस माता-पिता को रखना होगा इस बात का ध्यान

नई दिल्ली। अधिकत्तर लोग अपने बच्चों की शिक्षा (education )को लेकर चिंतित रहते हैं। खासतौर पर तब, जब उनके बच्चों की परीक्षाएं चल रही हों। परीक्षा में बच्चों के अंक अच्छे आएं। इसके लिए माता-पिता कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। बच्चों की सेहत का भी कई तरह से ख्याल रखते हैं।

‘न्यूट्रीशियन’ जर्नल में प्रकाशित एक पत्रिका में कहा गया कि भारत ( india ) में दूर-दराज क्षेत्रों में अपने घरों से दूर रहकर पढ़ाई करने जाते हैं। समय ना होने पर फास्ट-फूड का सहारा लेते हैं। वैज्ञानिकों की मानें तो यही फास्ट फूड तनाव को बढ़ाने का मुख्य कारक है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, ऐसा भी देखा गया है कि छात्र अच्छा भोजन लेने की बजाय फास्ट फूड खाना अपनी आदत बना लेते हैं। यह बहुत खतरनाक है। लंबे समय तक अच्छा आहार न लेना तनाव (tensed ) को और बढ़ाता है। साथ ही इसको खाने से कैलोरी और फैट की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।

 

वैज्ञानिकों की मानें तो यही फास्ट फूड तनाव को बढ़ाने का मुख्य कारक है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, ऐसा भी देखा गया है कि छात्र अच्छा भोजन लेने की बजाय फास्ट फूड खाना अपनी आदत बना लेते हैं। यह बहुत खतरनाक है। लंबे समय तक अच्छा आहार न लेना तनाव को और बढ़ाता है। अक्सर यह देखने में आता है कि तनाव के समय लोगों को ऐसा भोजन पसंद आता है जिसमें कैलोरी और फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।

बेल्जियम में गेंट यूनिवर्सिटी के प्रमुख रिसर्चर नताली मिशेल ने कहा ‘हमने अध्ययन में पाया कि परीक्षा के समय स्टूडेंट्स के खाने की हैबिट ही उनमें तनाव को बढ़ाती है।’ इस अध्ययन के लिए शोधार्थियों ने यूनिवर्सिटी सहित बेल्जियम के दूसरे यूनिवर्सिटी (university ) के 19 से 22 वर्ष के स्टूडेंट्स पर ऑनलाइन सर्वे किया।

 

food

जिसमें पाया कि स्टूडेंट्स ( students ) के आहार में मिलने वाली गुणवत्ता और खाने का व्यवहार, भोजन की पसंद, स्वाद जैसे कारक इसे कितना प्रभावित कर सकते हैं। साथ ही यह साबित हुआ कि परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स स्वस्थ भोजन नहीं कर पा रहे। वह एक दिन में सिर्फ 400 ग्राम फल और सब्जियां ही ले खाते हैं। जिससे तनाव को खत्म करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

वैज्ञानिकों ने खोज की बच्चे में तनाव और अवसाद से लड़ने के लिए हमें अच्छे आहार को अपने भोजनशैली में शामिल करना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में फल-सब्जियों का सेवन करना चाहिए। साथ ही मस्तिष्क ( mind )की थकान दूर करने के लिए योग और प्राणायाम करना चाहिए।

फास्ट-फूड से होता नुकसान

खाने में फास्ट-फूड सभी को बहुत अच्छा लगता हैऔर शायद इसीलिए कोई उसे खाने से अपने आपको रोक नहीं पाता। लेकिन इसे खाने के बाद आपकी कमर का साइज बढ़ सकता है, फिर भी आप उसे खा लेते हैं। लेकिन शायद आपको मालूम नहीं होगा कि फैटी डाइट से शरीर को और भी बहुत गंभीर नुकसान हो सकता हैं। इसके साथ ही एक्सरसाइज के न करने के कारण फैटी लीवर होने के चांस अधिक बढ़ जाता हैं। इसमें इंफ्लैमटॉरी एक्शन से लीवर के टिशू सख्त हो जाते हैं। वहीं दिमाग पर बी इसका बहुत बुरा असर पड़ता है। ज्यादा फैटयुक्त आहार के कारण व्यग्रता, कमजोर याददाश्त और किसी काम को बार-बार करने की आदत भी बन सकती है।

धमनियों को नुकसान

अगर आप हाई फैट डाइट लेते हैं, तो सावधान हो जाइये, क्योंकि यह आहार आपके शरीर की धमनियों को समय से पहले नष्ट कर सकता है। यही नहीं जिन कुछ कारणों से उच्च रक्तचाप होने का खतरा रहता है, उच्च वसा युक्त आहार उनमें से पहला कारण है। उम्र और वजन बढ़ने तथा उपापचय से संबंधित बीमारियों के साथ हमारे शरीर की बड़ी धमनियों की अंदर की दीवारें मोटी होकर कम लोचदार हो जाती है, जो एथरोसलेरोसिस और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां होने का कारण बनती है।

 



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://www.patrika.com/science-tech-news/scientists-discover-new-ways-to-get-good-marks-in-exam-4510413/

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