वैज्ञानिकों ने खोजा पृथ्वी जैसा ग्रह, यहां 33 दिनों का होता है एक साल

नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने पहली बार एक ऐसा ग्रह खोज निकाला है जहां पृथ्वी की तरह ही जीवन पाया जा सकता है। हमारे सौर मंडल के बाहरी हिस्से में पाए गए इस ग्रह में पानी होने की शंका जताई जा रही है। विज्ञान के हिसाब से अगर यह बात सच हो गई तो यह अब तक की सबसे बड़ी खोज साबित होगी। बता दें कि वैज्ञानिकों ने इस नए इस ग्रह का नाम सुपर अर्थ रखा है। ये ग्रह पृथ्वी से करीब 110 प्रकाश वर्ष दूर है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसका नाम सुपर अर्थ इसलिए रखा गया है क्यों कि ये पृथ्वी से दो गुना बड़ा है और मंगल से करीब आठ गुना बड़ा है। वैज्ञानिक भाषा में इस नए ग्रह को K2-18b बुलाया जाता है।

मौत के एक साल बाद तक घूमती है इंसान की डेड बॉडी, ऑस्ट्रेलिया की वैज्ञानिक का दावा

new_earth.jpg

कॉलेज लंदन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की मानें तो इस ग्रह का तापमान ज़िंदगी के पनपने के लिए बिलकुल सही है। और ये अपने तारे से पास भी स्थित है। इसका मतलब ये होगा कि ये 33 दिनों में अपने ऑर्बिट का चक्कर लगाता है और हमारी पृथ्वी को यही काम करने में 365 दिन लगते हैं। ऐसा इसलिए है क्यों कि ये नया ग्रह अपने तारे से पास है और पृथ्वी से उसका तारा सूरज काफी दूर है। इसका मतलब है इसके साल छोटे होंगे।

भारतीय ने बनाई ऐसी चिप जो कैंसर के सेल्स को शरीर में फैलने से पहले पहचान लेगी

life.jpg

बता दें कि इस सुपर अर्थ को साल 2015 में नासा के केप्लर स्पेसक्राफ्ट ने देखा था। लेकिन जो डाटा हाल ही में मिला है वह चौंका देने वाला है। इस ग्रह का तापमान, वातावरण और पानी सब सही होने के आसार हैं। अनुमान लगाया जा सकता है कि यहां जीवन हो सकता है। ग्रह के वायुमंडल में जल वाष्प दिखने की वजह से पता चलता है कि यहां चट्टान और बर्फ हो सकता है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://www.patrika.com/science-tech-news/scientists-find-a-super-earth-with-water-5089068/

Comments

Popular posts from this blog

Samsung के फोल्डेबल फोन Galaxy Flip3 और Galaxy Fold 3 की जल्द होगी लॉन्चिंग, जानिए क्या होगा खास

अंतरिक्ष में कल दो सैटेलाइट के टकराने से मच सकती है तबाही, नासा ने जारी की चेतावनी

14 साल की गीतांजली ने पानी में लेड की मात्रा पता करने वाला पोर्टेबल डिवाइस बनाया